74th Independence Day 2020: लाल किला की प्राचीर से प्रधानमंत्री मोदी की दहाड़, पढ़िए बड़ी बाते

74th Independence Day 2020: इस देश के सभी प्रान्त, नगर, शहर और राज्य में रहने वाली भाइयो और बहनो को 74th स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाये। आज का दिन देश के लिए काफी गौरव और उल्लास का दिन है और पूरा देश तिरंगे और देशभक्ति के रंग में रंगा हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस के इस मौके पर लगातार 7वीं बार देश को संबोधित किया। पढ़िए क्या खास बात रही आज के भाषण में।

74th Independence Day 2020: लाल किला की प्राचीर से प्रधानमंत्री मोदी की दहाड़, पढ़िए बड़ी बाते

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए की। उसके बाद प्रधानमंत्री ने कोरोना वॉरियर्स को नमन करते हुए कहा कि इस कोरोना के काल में कई परिवार प्रभावित हुए हैं। अपने भाषण में उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम से लेकर, कोरोना संकट और आत्मनिर्भर भारत तक का आह्वान किया। इससे पहले हमेशा की तरह उन्होंने राजघाट जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि पर श्रद्धाजंलि अर्पित की और बापू की समाधि पर श्रद्धासुमन अर्पित किए।


बता दें कि Covid-19 महामारी के साये में लाल किले पर आयोजित होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोहों के लिए चार हजार से अधिक लोगों को आमंत्रित किया गया था जिनमें अधिकारी, राजनयिक और मीडियाकर्मी शामिल थे। इसके मद्देनजर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।

सेवा परमो धर्म: की भावना के साथ कोरोना वॉरियर्स ने काम किया

सेवा परमो धर्म: की भावना के साथ कोरोना वॉरियर्स ने काम किया


पीएम मोदी ने कहा, कोरोना के इस असाधारण समय में, सेवा परमो धर्म: की भावना के साथ, अपने जीवन की परवाह किए बिना हमारे डॉक्टर्स, नर्से, पैरामेडिकल स्टाफ, एंबुलेंस कर्मी, सफाई कर्मचारी, पुलिसकर्मी, सेवाकर्मी, अनेको लोग, चौबीसों घंटे लगातार काम कर रहे हैं।


भारत ने आजादी की जंग में कमी और नमी नहीं आने दी


लाल किले की प्राचीर से पीएम मोदी ने बिना किसी पडोसी मुल्क का नाम लिए कहा कि विस्तारवाद की सोच ने सिर्फ कुछ देशों को गुलाम बनाकर ही नहीं छोड़ा, बात वही पर खत्म नहीं हुई। भीषण युद्धों और भयानकता के बीच भी भारत ने आजादी की जंग में कमी और नमी नहीं आने दी।


भारत सिर्फ अपना ही नहीं दुनिया के कई देशो का पेट भर सकते है


आत्मनिर्भर भारत की चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आखिर कब तक हमारे ही देश से गया कच्चा माल, finished product बनकर भारत में लौटता रहेगा। एक समय था, जब हमारी कृषि व्यवस्था बहुत पिछड़ी हुई थी। तब सबसे बड़ी चिंता थी कि देशवासियों का पेट कैसे भरे। आज जब हम सिर्फ भारत ही नहीं, दुनिया के कई देशों का पेट भर सकते हैं। आत्मनिर्भर भारत का मतलब सिर्फ आयात कम करना ही नहीं, हमारी क्षमता, हमारी Creativity हमारी Skills को बढ़ाना भी है।


भारत अपनी जरूरतें खुद पूरी कर रहा है, दूसरे देशों की मदद के लिए भी आगे आया है


पीएम मोदी ने कहा सिर्फ कुछ महीनो पहले तक N-95 मास्क, PPE किट, वेंटिलेटर ये सब हम विदेशों से मंगाते थे। आज इन सभी में भारत, न सिर्फ अपनी जरूरतें खुद पूरी कर रहा है, बल्कि दूसरे देशों की मदद के लिए भी आगे आया है। उन्होंने कहा कि कौन सोच सकता था कि कभी देश में गरीबों के जनधन खातों में हजारों-लाखों करोड़ रुपए सीधे ट्रांसफर हो पाएंगे? कौन सोच सकता था कि किसानों की भलाई के लिए APMC एक्ट में इतने बड़े बदलाव हो जाएंगे।


वन नेशन- वन टैक्स का भी हुआ जिक्र


पीएम मोदी ने कहा कि वन नेशन- वन टैक्स Insolvency और Bankruptcy Code बैंकों का Merger, आज देश की सच्चाई है। FDI में अब तक के सारे रिकॉर्ड टूटे, हाल ही के समय में FDI में 18 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।


अब Infrastructure में Silos को खत्म करने का युग आ गया है


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा अब Infrastructure में Silos को खत्म करने का युग आ गया है। इसके लिए पूरे देश को Multi-Modal Connectivity Infrastructure से जोड़ने की एक बहुत बड़ी योजना तैयार की गई है।


हमारे यहां कहा गया है, सामर्थ्य्मूलं स्वातन्त्र्यं, श्रममूलं च वैभवम्।।


पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि हमारे यहां कहा गया है, सामर्थ्य्मूलं स्वातन्त्र्यं, श्रममूलं च वैभवम्।। किसी समाज, किसी भी राष्ट्र की आज़ादी का स्रोत उसका सामर्थ्य होता है, और उसके वैभव का, उन्नति प्रगति का स्रोत उसकी श्रम शक्ति होती है.


जम्मू कश्मीर में शरणार्थियों के गरिमापूर्ण जीवन का भी एक साल है


पीएम मोदी ने कहा हमारे देश में अलग-अलग जगहों पर विकास की तस्वीर अलग-अलग दिखती है। कुछ क्षेत्र बहुत आगे हैं, कुछ क्षेत्र बहुत पीछे। ये असंतुलित विकास आत्मनिर्भर भारत के सामने बहुत बड़ी चुनौती है। उन्होंने जम्मू का जिक्र करते हुए कहा ये एक साल जम्मू कश्मीर की एक नई विकास यात्रा का साल है। ये एक साल जम्मू कश्मीर में महिलाओं, दलितों को मिले अधिकारों का साल है। ये जम्मू कश्मीर में शरणार्थियों के गरिमापूर्ण जीवन का भी एक साल है।


उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की सच्ची ताकत स्थानीय इकाइयों में है। हम सभी के लिए गर्व की बात है कि जम्मू-कश्मीर में स्थानीय इकाइयों के जनप्रतिनिधि सक्रियता और संवेदनशीलता के साथ विकास के नए युग को आगे बढ़ा रहे हैं। बीते वर्ष लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाकर, वहां के लोगों की बरसों पुरानी मांग को पूरा किया गया है। हिमालय की ऊंचाइयों में बसा लद्दाख आज विकास की नई ऊंचाइयों को छूने के लिए आगे बढ़ रहा है।


पीएम मोदी के भाषण की अन्य खास बातें


भारत के जितने प्रयास शांति और सौहार्द के लिए हैं, उतनी ही प्रतिबद्धता अपनी सुरक्षा के लिए, अपनी सेना को मजबूत करने की है। भारत अब रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता के लिए भी पूरी क्षमता से जुट गया है।


देश की सुरक्षा में हमारे बॉर्डर और कोस्टल इंफ्रास्ट्रक्चर की भी बहुत बड़ी भूमिका है। हिमालय की चोटियां हों या हिंद महासागर के द्वीप, आज देश में रोड और इंटरनेट कनेक्टिविटी का अभूतपूर्व विस्तार हो रहा है, तेज़ गति से विस्तार हो रहा है।


हमारे देश में 1300 से ज्यादा Islands हैं। इनमें से कुछ चुनिंदा Islands को, उनकी भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए, देश के विकास में उनके महत्व को ध्यान में रखते हुए, नई विकास योजनाएं शुरू करने पर काम चल रहा है। अगले 1000 दिन में, लक्षद्वीप को भी सबमरीन ऑप्टिकल फाइबर केबल से जोड़ दिया जाएगा।


अब NCC का विस्तार देश के 173 border और coastal districts तक सुनिश्चित किया जाएगा। इस अभियान के तहत करीब 1 लाख नए NCC Cadets को विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। इसमें भी करीब एक तिहाई बेटियों को ये स्पेशल ट्रेनिंग दी जाएगी।

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