ईमानदारी से Tax भरने वालों के लिए आज लॉन्च होगा शानदार स्कीम, जानिए क्या है तोहफा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ईमानदारी से टैक्‍स देने वालों को पुरस्कृत करने के लिए बृहस्पतिवार को डायरेक्‍ट टैक्‍स रिफॉर्म्‍स (Direct Tax Reforms) के अगले चरण की शुरूआत करेंगे। पीएम मोदी आज सुबह 11 बजे वीडियो कॉन्‍फ्रेंस के जरिये 'पारदर्शी कराधान - ईमानदार का सम्मान' (Transparent Taxation-Honoring the Honest) मंच की शुरूआत करेंगे। हालांकि, सरकार की ओर से टैक्‍स सुधारों के बारे में कुछ नहीं कहा गया है, लेकिन मंच की शुरुआत के साथ पिछले छह साल में प्रत्यक्ष कर के मोर्चे पर किए गए सुधारों को आगे ले जाने की उम्मीद है।

ईमानदारी से Tax भरने वालों के लिए आज लॉन्च होगा शानदार स्कीम, जानिए क्या है तोहफा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) आज 'पारदर्शी कराधान-ईमानदार का सम्मान' (Transparent Taxation-Honoring the Honest) मंच की शुरुआत करेंगे। पीएम ने कहा कि इससे हमारी कर प्रणाली में सुधार आएगा और उसे सरल बनाने के प्रयासों को और बल मिलेगा। ये कदम ईमानदारी से टैक्स देने वालों को पुरस्कृत करने की दिशा होगा। पीएम मोदी (PM Narendra Modi) ने ट्वीट करते हुए लिखा-‘गुरुवार, 13 अगस्त को पूर्वाह्न 11 बजे ‘पारदर्शी कराधान-ईमानदार का सम्मान’ (Transparent Taxation-Honoring the Honest) मंच की शुरूआत की जाएगी। यह हमारी कर प्रणाली में सुधार और उसे सरल बनाने के प्रयासों को और मजबूती देगा। यह कई ईमानदार करदाताओं के लिये फायदेमंद होगा जिनकी कड़ी मेहनत देश को आगे बढ़ने की शक्ति प्रदान करती है।’


टैक्‍स रिफॉर्म्‍स के लिए केंद्र सरकार ने लिए ये फैसले


टैक्‍स रिफॉर्म्‍स में पिछले साल कॉरपोरेट टैक्‍स (Corporate Tax) की दर 30 फीसदी से घटाकर 22 फीसदी कर दी गई थी। इसके अलावा नई मैन्‍युफैक्‍चरिंग यूनिट्स के लिए कॉरपोरेट टैक्‍स की दर 15 फीसदी की गई थी। साथ ही डिबिडेंड डिस्‍ट्रीब्‍यूशन टैक्‍स (DDT) हटाना और अधिकारी व करदाता का आमना-सामना हुए बिना कर आकलन (Faceless E-Assessment) शामिल हैं। टैक्‍स रिफॉर्म्‍स के तहत दरों (tax Rates) में कमी करने और प्रत्यक्ष कर कानूनों को आसान बनाने पर जोर रहा है। आयकर विभाग के काम में दक्षता और पारदर्शिता लाने के लिए भी केंद्रीय प्रत्‍यक्ष कर बोर्ड (CBDT) की ओर से कई पहल की गई हैं।


वित्त वर्ष 2020-21 के बजट में करदाताओं के लिये चार्टर (घोषणापत्र) का ऐलान किया गया। इसके तहत उन्हें सांविधिक दर्जा दिए जाने और आयकर विभाग द्वारा नागरिकों को समयबद्ध सेवा के जरिये अधिकार संपन्न बनाये जाने की उम्मीद है। वित्त मंत्री (Finance Minister) निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में कहा था कि चार्टर से करदाता और प्रशासन के बीच भरोसा सुनिश्चित होगा, उत्पीड़न समाप्त होगा। साथ ही इससे विभाग की दक्षता बढ़ेगी।


कर सुधारों में हाल ही में शुरू की गई दस्तावेज पहचान संख्या (DIN) के जरिए आधिकारिक संचार में अधिक पारदर्शिता लाना भी शामिल है। इसके तहत विभाग के हर संचार या पत्र-व्यवहार पर कंप्यूटर सृजित एक अनूठी दस्तावेज पहचान संख्या अंकित होती है। इसी तरह, करदाताओं के लिए अनुपालन को ज्‍यादा आसान करने के लिए आयकर विभाग अब पहले से ही भरे हुए आयकर रिटर्न फॉर्म प्रस्‍तुत करने लगा है, ताकि व्यक्तिगत करदाताओं के लिए अनुपालन को और भी अधिक सुविधाजनक बनाया जा सके।


स्टार्टअप्स के लिए भी अनुपालन मानदंडों को सरल बना दिया गया है। लंबित कर विवादों का समाधान प्रदान करने के उद्देश्य से आयकर विभाग ने प्रत्यक्ष कर विवाद से विश्वास अधिनियम भी प्रस्‍तुत किया है जिसके तहत वर्तमान में विवादों को निपटाने के लिए घोषणाएं दाखिल की जा रही हैं। करदाताओं की शिकायतों/मुकदमों में प्रभावकारी रूप से कमी सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न अपीलीय न्यायालयों में विभागीय अपील दाखिल करने के लिए आरंभिक मौद्रिक सीमाएं भी बढ़ा दी गई हैं।


‘‘डिजिटल लेन-देन और भुगतान के इलेक्ट्रॉनिक तरीकों को बढ़ावा देने के लिए भी कई उपाय किए गए हैं। यही नहीं, आयकर विभाग ने ‘कोविड काल’ में करदाताओं के लिए अनुपालन को आसान बनाने के लिए भी अनेक तरह के प्रयास किए हैं। इसके तहत रिटर्न दाखिल करने के लिए वैधानिक समयसीमा बढ़ा दी गई है और करदाताओं के हाथों में तरलता या नकदी प्रवाह बढ़ाने के लिए तेजी से रिफंड जारी किए गए हैं।’’

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