Coronavirus in India: लगातार बढ़ रहे है कोरोना के मरीज, सरकार ने कम्युनिटी स्प्रेड को नाकारा

Coronavirus in India: तमाम प्रयासों के बाद भी देश में कोरोनावायरस के मामले लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं। यह लगातार चौथा दिन है जब देश भर से Covid-19 के मामले 45 से 50 हजार के बीच आए हैं। मंगलवार को स्वास्थय विभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार देश में पिछले 24 घंटों में 47,703 नए मामले सामने आए हैं। जिसके बाद कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 14,83,156 पर पहुंच गई है।


वहीं इस दौरान 654 लोगों की मौत हुई और कुल मृतकों की संख्या बढ़कर 33425 हो चुकी है। इस वायरस से ठीक होने वाले लोगों की तो आपको बता दें कि अब तक 952743 लोग इस खतरनाक वायरस को हराने में कामयाब हुए हैं।


Corona Virus Numbers in INDIA: मंगलवार को रिकवरी रेट में एक बार फिर मामूली सुधार देखा गया है, अब यह बढ़कर 64.23 फीसदी हो चुका हैं। जबकि पॉजिटिविटी रेट 9.03 फीसदी पर आ गया है। बता दें कि सोमवार को भारत में कोविड-19 के एक दिन में सर्वाधिक 49,931 मामले सामने आए थे। भारत में कोरोना टेस्ट की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। सोमवार 27 जुलाई को देश में 5,28,082 लोगों के सैंपल के साथ ही 27 जुलाई तक 1,73,34,885 का कोरोना टेस्ट किया जा चुका है।


मामले बढ़ने के साथ एक उम्मीद की किरण वैक्सीन को लेकर भी नजर आई है। कोरोना वायरस (Coronavirus) के खिलाफ देश में बने संभावित टीके 'कोवैक्सिन (Covaxin)' का सोमवार को भुवनेश्वर के इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस एंड एसयूएम अस्पताल में मानव परीक्षण शुरू हो गया है। Covaxin टीके को भारत बायोटेक (Bharat Biotech) ने विकसित किया है। ह्यूमन ट्रायल (मानव परीक्षण) के प्रधान जांचकर्ता डॉक्टर ई वेंकट राव ने कहा कि Covaxin टीका कुछ लोगों को लगाया है, जिन्होंने खुद इस ट्रायल का हिस्सा बनने की इच्छा जताई थी।


Coronavirus in India: पता ही नहीं चला कि कहां से संक्रमण हुआ


उनके परिवार ने उन्हें टेस्ट कराने के लिए कहा लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया। उन्हें लग रहा था कि उन्हें किसी क़ीमत पर कोरोना नहीं हो सकता क्योंकि दिल्ली में अपने घर से वे शायद ही बाहर निकले हों। साथ ही उन्होंने किसी ऐसे शख्स से मुलाक़ात भी नहीं की थी जिसे वायरस का संक्रमण हुआ हो या जिसके संक्रमित होने का शक रहा हो।


लक्षण दिखाई देने के आठ दिन बाद उनकी हालत बिगड़ गई। उन्हें अस्पताल ले जाया गया और तब वो टेस्ट में कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए।


उन्होंने कहा, "मैं बच गया, लेकिन डॉक्टरों ने बताया कि अगर मुझे अस्पताल लाने में और देरी की गई होती तो ये चूक मेरी ज़िंदगी पर भारी पड़ सकती थी।"


Coronavirus in India: सरकार मानना क्यों नहीं चाहती है?


एक्सपर्ट्स का कहना है कि वे केवल इसका अंदाज़ा लगा सकते हैं क्योंकि सरकार इस मसले पर ज़्यादा बोल नहीं रही है। साथ ही सरकार ने अपने रुख़ को साबित करने के लिए कोई आधिकारिक परिभाषा भी नहीं जारी की है।


कम्युनिटी ट्रांसमिशन को न मानने की एक वजह यह हो सकती है कि सरकार इसे अपनी नीतियों के फेल होने के तौर पर देखती हो।


एक्सपर्ट्स कहते हैं कि कम्युनिटी ट्रांसमिशन के लिए सरकार को दोषी नहीं ठहराया जा सकता है। वे कहते हैं कि यह चीज़ डेटा के साथ पुख्ता होनी चाहिए और वैज्ञानिक रूप से सामने आने वाली चीजों को स्वीकार किया जाना चाहिए।


एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसे नकारने से और दबाव बढ़ेगा और इससे एक गैरज़रूरी बहस शुरू हो जाएगी।

Subscribe to Our Newsletter

  • White Facebook Icon

© All Rights reserved for Befikar Postman