Delhi Riots Conspiracy Truth:...मैंने तय कर लिया की मैं हिंदुओं को सबक सिखाऊंगा, पढ़ कर होश उड़ जायेगा

Delhi Riots Conspiracy Truth: देश में समय समय पर कुछ असामजिक तत्व आते रहते है जो की समाज में सद्भाव और प्यार को खत्तम करने में लगाए रहते है। भले ही हमारे देश में अनेक धर्म, अनेक बोली, अनेक प्रकार के लोग रहते है लेकिन उनमे भी एक भाईचारा होता है। लेकिन कुछ असामजिक तत्व अपनी राजनीती चमकाने के लिए इनके आपस में ही फुट डाल देते है। हालांकि इसमें पूरा दोष ऐसे बुद्धिजीवियों का भी नहीं है, दोष हमारा है जो उनके बहकावे में आ जाते है और अपने ही भाई से धर्म के नाम पर लड़ते है। जरा पढ़िए इस रिपोर्ट को और समझिये किस मानसिकता के लोगो का समर्थन करके अपना ही घर जलाने को उतारू हो जाते है।

Delhi Riots Conspiracy Truth:...मैंने तय कर लिया की मैं हिंदुओं को सबक सिखाऊंगा, पढ़ कर होश उड़ जायेगा

Delhi Riots Conspiracy Truth: आम आदमी पार्टी (AAP) के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन (Tahir Hussain ) पर दिल्ली दंगों (Delhi Riots) को लेकर पुलिस ने विस्फोटक दावे किए हैं। पुलिस के मुताबिक ताहिर हुसैन ने अपने कबूलनामे में कहा कि वह हिंदुओं को सबक सिखाना चाहता था। बकौल दिल्ली पुलिस से उसने कहा कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की यात्रा के दौरान कुछ बड़ा करना चाहता था। फरवरी महीने में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध के बीच हुए इस दंगे में कई लोगों की जान गई थी। दिल्ली पुलिस ने पूछताछ के आधार पर ताहिर का कबूलनामा जारी किया है। जानिए इसमें क्या-क्या बताया गया है


Delhi Riots Conspiracy Truth: सबसे मुख्य बिंदु 'हिंदुओं को सिखाना चाहता था सबक'


दिल्ली पुलिस की स्पेशल जांच टीम (SIT) की ओर से जारी ताहिर के कबूलनामे में लिखा गया है कि वह हिंदुओं को सबक सिखाना चाहता था। दिल्ली पुलिस के दावे के मुताबिक उसने कहा कि वह अपने राजनीतिक ताकत और पैसे का इस्तेमाल कर काफिरों को सबक सिखाना चाहता था। उसने कहा कि वह उत्तर-पूर्व दिल्ली में हुई हिंसा का मास्टरमाइंड था।


Delhi Riots Conspiracy Truth: तेजाब का इंतजाम करने को भी कहा, जिसे काफिरों और पुलिसवालों पर फेका जाएगा


हुसैन ने पुलिस को बताया कि ट्रंप की यात्रा के दौरान CAA के खिलाफ लोगों को सड़कों पर उतरने की अपील की थी। जिसके बारे में मुझे खालिद सैफी ने बताया था और मुझे भी अपनी तैयारियों को तेज करने को कहा था। साथ ही तेजाब का इंतजाम करने को भी कहा, जिसे काफिरों और पुलिसवालों पर फेका जाएगा।


Delhi Riots Conspiracy Truth: यूं रची थी ताहिर ने साजिश


ताहिर हुसैन के कबूलनामे के मुताबिक, '8 जनवरी को खालिद सैफी ने मुझे जेएनयू (JNU) के पूर्व छात्र उमर खालिद से शाहीन बाग में पीएफआई (PFI) के दफ्तर में मिलवाया था। जहां उमर खालिद ने बोला कि वो मरने मारने को राजी है। वहीं, खालिद सैफी ने कहा कि पीएफआई का सदस्य दानिश हिंदुओं के खिलाफ जंग में हमारी पूरी फाइनेंशियल मदद करेगा।' साथ ही ताहिर ने बताया कि पीएफआई के दफ्तर में हमने प्लान बनाया, दिल्ली में कुछ ऐसा करेंगे, जिससे ये सरकार हिल जाए. इसके बाद वह सीएए कानून वापस ले लेंगे। खालिद सैफी का काम लोगों को भड़का कर सड़कों पर उतारने का था।


Delhi Riots Conspiracy Truth: उमर खालिद ने की लोगों से सड़क पर उतरने की अपील


यही नहीं, ताहिर हुसैन ने आगे बताया कि 17 फरवरी 2020 को उमर खालिद ने ट्रम्प की विजिट के दौरान लोगों से सड़कों पर उतरने की अपील की थी। उस वक्‍त मुझे तेजाब भी इकट्ठा करने को कहा गया था ताकि उसे पुलिस पर फेंका जा सके। मैंने अपनी छत पर बहुत तादात में तेजाब, पेट्रोल, डीजल और पत्थरों को भी इकट्ठा कर रख लिया था। वहीं, मैंने अपनी पिस्टल जो थाने में जमा थी उसे भी दंगो में इस्तेमाल करने के लिए छुड़ा लिया था।


Delhi Riots Conspiracy Truth: पहले से लोगों को दी ट्रेनिंग


आम आदमी पार्टी के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन ने बताया कि 24 फरवरी 2020 को योजना के मुताबिक, मैंने पहले से ही अपने घर की छत पर पड़ोसी के चांद बाग में रहने वाले अरशद कय्यूम, मोनू, अपने दफ़्तर के पास रहने वाले गुलफाम (जिसके पास अपनी पिस्टल भी थी), शरद अहमद हाजी, मूंगा नगर के लियाकत अली उसके बेटे रिशाद अली, दयालपुर के मोहम्मद रियान अरशद और अपने यहां काम करने वाले इलेक्ट्रिशयन मोहम्मद आबादी, अकाउंटेंट मोहम्मद शादाब और राशिद सैफी के अलावा अब अपने भाई शाह आलम को बुला रखा था। इन लोगों को ये भी बताया था कि कैसे और कब पत्थर, पेट्रोल बम और बोलतो में तेजाब भरकर छत से नीचे फेंकना है। वहीं, साफ हिदायत दी थी कि इस सामान का इस्तेमाल केवल पुलिसवालों और दूसरे समुदाय (गैर मुस्लिम) के खिलाफ करना है। वहीं, इससे अपने समुदाय के लोगों, महिलाओं और बच्चों को किसी तरह का नुकसान नहीं होना चाहिए।


Delhi Riots Conspiracy Truth: गैर मुस्लिम होने पर लगातार चाकुओ से बार करते रहे।


दंगाईयों ने अंकित शर्मा के साथ दो अन्य हिंदू युवकों को भी पकड़ लिया था, लेकिन दोनों किसी तरह भागने में कामयाब हो गए। अंकित के अकेले पड़ जाने पर दंगाईयों ने उसे ताहिर हुसैन के घर खींच लिया, और वहां ले जाकर सबसे पहले यह पहचान की वह मुस्लिम है या किसी और गैरधर्म का। इसके लिए दंगाइयों ने अंकित शर्मा के कपड़े उतारे और वह मुस्लिम नही है इसकी पुष्टि होने पर उस पर चाकुओं से हमले किए गए। दंगाियों ने बर्बरता ऐसी दिखाई कि उसके प्राण निकले के बाद भी चाकू घोपते रहे। पूछताछ मे सामने आया कि अंकित के शव को पहले घसीटा फिर डंडे से उठाकर शव को गंदे नाले में फेंकने की कोशिश की। डंडे से नहीं उठने पर कुछ लोगों ने मिलकर शव को लोहे के तार की जाली से ऊपर नाले में फेंक दिया।


Delhi Riots Conspiracy Truth: दिल्ली पुलिस की जांच में चौंकाने वाले खुलासे


दिल्ली पुलिस की जांच (Delhi Riots Investigation ) में खुलासा हुआ कि हुसैन ने भारी मात्रा में एसिड, पेट्रोल, डीजल और पत्थर अपने छत पर जमा किया था। उसने दंगे में इस्तेमाल करने के लिए पुलिस स्टेशन से अपनी पिस्टल भी ली थी। हुसैन ने पुलिस को बताया, 'अपनी योजना के तहत 24 फरवरी को हमने कई लोगों को बुलाया और उन्हें बताया कि कैसे पत्थर, पेट्रोल बम और एसिड बोतल फेंकना है। मैंने अपने परिवार को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया। 24 फरवरी 2020 को दोपहर करीब 1.30 बजे हमने पत्थर फेंकना शुरू कर दिया।'


Delhi Riots Conspiracy Truth: अपना विचार


यह लोग कौन है सिर्फ अपनी राजनीती चमकाने वाले लोग जो की आपका और हमारा इस्तमाल करते है। जागो ! जागो ! जागो ! अभी भी समय है। अपना और अपने धर्म को समझो और उसे पहचानो कभी भी किसी भी धर्म में ये नहीं लिखा है की अपने धर्म को सर्वश्रेष्ठ बताने के लिए या अपने भाइयो के साथ लड़ो। अब भी समय है अपने असली अल्लाह, भगवान को पहचानो नहीं तो वो दिन दूर नहीं जब अपने भाई लोग ही आपस में राजनीती चमकाने वालो के लिए कट कर मर जायेंगे।


आज यह रिपोर्ट लिखते समय एहसास होता है की कैसे सत्ता में बैठे लोग आम लोगो को धर्म के नाम पर अपनी राजनीती चमकते है। उठिये शिक्षित बनिए और समझिये अपने समाज को।

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