कानपुर में पुलिस टीम पर फायरिंग, DSP समेत आठ शहीद, जानिए पूरा मामला

बीते रात कानपुर में एक हिस्ट्रीशीटर को पकड़ने गई पुलिस टीम के साथ दर्दनाक हादसा हो गया| हिस्टोरयशितेर को पकड़ने गयी टीम पर बदमाशों ने घात लगा कर गोलियां बरसा दी| कानपुर देहात के शिवली थाना इलाके में पुलिस ने बिकरू गांव हिस्ट्रीशीटर विकाश दूबे को पकड़ने गई थी|

कानपुर में पुलिस टीम पर फायरिंग, DSP समेत आठ शहीद, जानिए पूरा मामला

घेराव के दौरान बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी. इसमें आठ पुलिसवाले शहीद हो गए| वारदात पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने डीजीपी और अपर मुख्य सचिव गृह से बात की है.


बताया जा रहा है कि बिल्हौर के सीओ देवेंद्र मिश्र, शिवराजपुर के एसओ महेश यादव, दो सब इंस्पेक्टर और 4 सिपाही शहीद हो गए. इसके अलावा सात पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिनमें कई की हालत गंभीर है. पुलिस हत्या के प्रयास के केस में शातिर विकास दुबे को अरेस्ट करने गई थी. विकास के खिलाफ 60 केस दर्ज हैं.


क्या है पूरा मामला?


उत्तर प्रदेश के डीजीपी एचसी अवस्थी ने कहा कि विकास दुबे के खिलाफ कुछ दिन पहले हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया गया था| पुलिस विकास दुबे को गिरफ्तार करने गई थी| जैसे ही फोर्स गांव के बाहर पहुंची तो वहां जेसीबी लगा दी गई| इस वजह से फोर्स की गाड़ी गांव के अंदर नहीं जा सकी|


डीजीपी एचसी अवस्थी ने बताया कि गाड़ी अंदर जाने के कारण पुलिसकर्मी गांव के बाहर ही उतरे| तभी पहले से घात लगाए बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी| पुलिस की ओर से भी जवाबी फायरिंग की गई| बदमाश ऊंचाई पर थे इस वजह से पुलिसकर्मियों को गोलियां लगी और 8 पुलिसकर्मी शहीद हो गए हैं|


कौन है विकास दूबे?


उत्तरप्रदेश में कानपुर देहात के बिठूर थाना क्षेत्र में गुरुवार रात एक बजे दबिश देने गई पुलिस टीम पर फायरिंग करने वाले हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे पर 60 आपराधिक मामले दर्ज हैं। विकास दूबे थाने में घुसकर राज्यमंत्री संतोष शुक्ला की हत्या कर दी थी। उसका इतना खौफ था कि कोई गवाह सामने नहीं आया। इसके कारण वह केस से बरी हो गया। इसके बाद उसने राजनीति में एंट्री ली। नगर पंचायत का चुनाव भी जीता था। विकास कई बार गिरफ्तार भी हुआ। 2017 में लखनऊ में एसटीएफ ने कृष्णा नगर से उसे पकड़ा था।


सभी तरह के अपराधो मे था शामिल


हिस्ट्रीशीटर विकास कानपुर देहात के चौबेपुर थाना क्षेत्र के विकरू गांव का रहने वाला है। उसने कई युवाओं की फौज तैयार कर रखी है। इसी के साथ वह कानपुर नगर से लेकर कानपुर देहात तक लूट, डकैती, मर्डर जैसे अपराधों को अंजाम देता रहा है। 2000 में विकास ने शिवली इलाके के ताराचंद इंटर कॉलेज के सहायक प्रबंधक सिद्धेश्वर पांडेय की हत्या कर दी थी, जिसमें उसे उम्रकैद की सजा भी हुई थी।

18 views

Subscribe to Our Newsletter

  • White Facebook Icon

© All Rights reserved for Befikar Postman