Indian GDP Update 2020: अगस्त 2018 के तुलना में अगस्त 2020 की जीडीपी 23.9 फ़ीसदी गिरी

भारत के सकल घरेलू उत्पाद या GDP की विकास दर में लॉकडाउन के शुरूआती महीनों वाली तिमाही में ज़बरदस्त गिरावट हुई है। केंद्र सरकार के सांख्यिकी मंत्रालय के अनुसार 2020-21 वित्त वर्ष की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून के बीच विकास दर में 23.9 फ़ीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।

Indian GDP Update 2020: अगस्त 2018 के तुलना में अगस्त 2020 की जीडीपी 23.9 फ़ीसदी गिरी

ऐसा अनुमान लगाया गया था कि कोरोना वायरस महामारी और देशव्यापी लॉकडाउन के कारण भारत की GDP की दर पहली तिमाही में 18% फ़ीसदी तक गिर सकती है। वहीं, देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक SBI का अनुमान था कि यह दर 16.5 फ़ीसदी तक गिर सकती है लेकिन जो आंकड़े जारी हुए है वो आंकड़े चौंकाने वाले हैं।


जनवरी-मार्च तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था में 3.1 फ़ीसदी की वृद्धि देखी गई थी जो आठ साल में सबसे कम थी। GDP के आंकड़े बताते हैं कि मार्च तिमाही में उपभोक्ता ख़र्च धीमा हुआ, निजी निवेश और निर्यात कम हुआ. वहीं, बीते साल इसी जून तिमाही की दर 5.2 फ़ीसदी थी। जीडीपी के इन नए आंकड़ों को साल 1996 के बाद से ऐतिहासिक रूप से सबसे बड़ी गिरावट बताया गया है।


इन आंकड़ों पर मंत्रालय ने कहा है कि कोरोना वायरस महामारी के कारण आर्थिक गतिविधियों के अलावा आंकड़ा इकट्ठा करने के तंत्र पर भी असर पड़ा है। मंत्रालय ने कहा है कि 25 मार्च से देश में लॉकडाउन लगाया गया जिसके बाद आर्थिक गतिविधियों पर रोक लग गई। मंत्रालय ने कहा है कि अधिकतर निकायों ने क़ानूनी रिटर्न दाख़िल करने की समयसीमा बढ़ा दी थी। इन परिस्थितियों में जीएसटी जैसे आंकड़े के स्रोत सीमित हो गए थे।


क्या है जीडीपी (What is GDP)


ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट यानी सकल घरेलू उत्पाद (GDP) किसी एक साल में देश में पैदा होने वाले सभी सामानों और सेवाओं की कुल वैल्यू को कहते हैं। जीडीपी आर्थिक गतिविधियों के स्तर को दिखाता है और इससे यह पता चलता है कि किन सेक्टरों की वजह से इसमें तेज़ी या गिरावट आई है। इससे पता चलता है कि सालभर में अर्थव्यवस्था ने कितना अच्छा या ख़राब प्रदर्शन किया है। अगर जीडीपी डेटा सुस्ती को दिखाता है, तो इसका मतलब है कि देश की अर्थव्यवस्था सुस्त हो रही है और देश ने इससे पिछले साल के मुक़ाबले पर्याप्त सामान का उत्पादन नहीं किया और सेवा क्षेत्र में भी गिरावट रही।


भारत में सेंट्रल स्टैटिस्टिक्स ऑफ़िस (CSO) साल में चार दफ़ा GDP का आकलन करता है। यानी हर तिमाही में जीडीपी का आकलन किया जाता है और हर साल यह सालाना जीडीपी ग्रोथ के आँकड़े जारी करता है।

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