IPL Title Sponsorship: ड्रीम 11 बना IPL का Title Sponsor, जानिए कितने में मिला Sponsorship

भारत में चीनी सामान और इन्वेस्टमेंट का बहिष्कार के बाद इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के साथ वीवो का नाता टूट गया। भारत के बड़े-बड़े कंपनियों के बीच IPL Title Sponsor के लिए रेस लगी हुई थी। अब Dream-11 ने वह रेस जीत लिया है और इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के तीन साल के टाइटल राइट्स खरीद लिए हैं।

आपको बता दे की Vivo के साथ IPL का करार 2022 तक का था लेकिन वर्तमान स्थिति को देखते हुए Vivo ने इस साल IPL से अलग रहने का ही फैसला सही समझा। इस हिसाब से 2020 के लिए तो Dream-11 का तित्तले स्पोंसरशिप पर अधिकार तो पक्के हैं लेकिन अगले दो साल के लिए स्पोर्ट्स फैंटसी प्लैटफॉर्म के पास अधिकार रहते हैं या नहीं यह इस बात पर निर्भर करेगा कि वीवो अगले साल लौटता है या नहीं।


अगर Vivo इंडिया- जो दो सप्ताह पहले ही आईपीएल से अलग हुआ है वापस आता है तो Dream-11 को उसके लिए रास्ता छोड़ना पड़ेगा। हालांकि अगर वीवो टाइटल स्पॉन्सर के तौर पर नहीं लौटेगा तो स्पोर्ट्स स्टार्ट अप के पास 2020 के आईपीएल के अलावा अगले दो साल के लिए भी अधिकार कायम रहेंगे।


ड्रीम-11 की बोली इस तरह रही- 222 करोड़ रुपये पहले साल के लिए, 240 करोड़ रुपये दूसरे साल के लिए और तीसरे साल के लिए भी 240 करोड़ रुपये। यह औसत बोली 234 करोड़ रुपये रही।


यह साफ नहीं हो पाया है कि आईपीएल की टाइटल स्पॉन्सशिप को रोचक बनाने वाले टाटा संस ने बोली लगाई या नहीं। ई-लर्निंग स्टार्ट अप्स बायजूज और अनअकैडमी भी दौड़ में थे लेकिन वह जीत नहीं सके।


भारतीय खेलों में चीनी निवेश के खिलाफ बने माहौल में, खास तौर पर खेल प्रशासन खास तौर पर बीसीसीआई पर काफी दबाव था। बीसीसीआई ने साफ किया है कि ड्रीम11 एक भारतीय स्टार्ट अप है जिसमें चीनी निवेश ईकाई में है जिसे नजरअंदाज किया जा सकता है और इसका हल भी आपस में निकाला जा सकता है।


हालाँकि सूत्रों से पता चला है कि टाटा एक मोटी रकम के साथ बोली लगाने वाला था लेकिन उसकी कुछ शर्तें थीं। टाटा की पहली मांग थी कि वह तीन कैटगिरी (ग्रुप के अलग तीन ब्रांड) के लिए स्लॉट ब्लॉक करना चाहता था लेकिन बीसीसीआई ने पहले से तय कर रखा है कि वह जगह सिंगल-ब्रांड ऐक्टिविटी के लिए होगी।


सूत्र ने कहा, 'बाजार की मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह पैसा ठीक है। बोर्ड दो और ऑफिशल पार्टनर- अनअकैडमी और क्रेड- को भी साथ जोड़ेगा इसका अर्थ है कि उसे और 80 करोड़ मिलेंगे।' बीसीसीआई को इस हिसाब से 300 करोड़ से ज्यादा की रकम मिलेगी।

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