जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने प्रधानमंत्री पद से दिया इस्तीफा, जानिए क्या है वजह

65 साल के आबे लंबे समय से पेट से जुड़ी बीमारी से जूझ रहे हैं। वे इस महीने दो बार 17 और 24 अगस्त को अस्पताल जा चुके हैं। इसके बाद से ही जापानी मीडिया में उनके स्वास्थ्य को लेकर चर्चा चल रही थी। जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने स्वास्थ्य समस्याओं की वजह से शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने प्रधानमंत्री पद से दिया इस्तीफा, जानिए क्या है वजह

स्थानीय मीडिया के अनुसार आबे नहीं चाहते कि उनकी सेहत के कारण सरकार के कामकाज पर किसी तरह का असर पड़े। ऐसे में उन्होंने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पद छोड़ने की घोषणा कर दी। अगस्त महीने में ही आबे ने बतौर प्रधानमंत्री सात साल छह महीने का समय पूरा किया है।


आबे के खराब स्वास्थ्य पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है। प्रधानमंत्री ने लिखा, 'मेरे प्रिय मित्र शिंजो आबे, आपके खराब स्वास्थ्य के बारे में सुनकर दुख हुआ। हाल के वर्षों में आपके कुशल नेतृत्व और व्यक्तिगत प्रतिबद्धता के साथ भारत-जापान की भागीदारी नए आयाम पर पहुंची और पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हुई है। मैं आपके स्वास्थ्य में शीघ्र लाभ के लिए प्रार्थना करता हूं।'

50 दिनों से किसी कार्यक्रम में नजर नहीं आए शिंजो आबे


देश में कोरोना महामारी के फैलने के बाद से ही यह मांग हो रही है कि आबे देश के लोगों को इससे निपटने के लिए किए गए कामों के बारे में बताएं। इसके बावजूद आबे बीते 50 दिनों से किसी कार्यक्रम में नजर नहीं आए हैं। 18 जून को यह जानकारी दी गई थी कि वे अपने घर पर मीडिया से बातचीत करेंगे। हालांकि, वे ऐसा नहीं कर पाए थे। 24 अगस्त को कैबिनेट सेक्रेटरी योशिहिडे सुगा ने शिंजो की सेहत को लेकर चल रही चर्चाओं को खारिज किया था। उन्होंने कहा था कि आबे बिल्कुल ठीक हैं और रूटीन जांच के लिए हॉस्पिटल आ रहे हैं।


देश में घट रही है शिंजो की लोकप्रियता


जापान की क्योदो न्यूज एजेंसी के सर्वे के मुताबिक, देश में शिंजो की लोकप्रियता के पहले के मुकाबले कम हुई है। रविवार को सार्वजनिक हुए इस सर्वे में कहा गया है कि देश में 58.4% लोग कोरोना महामारी से निपटने के सरकार के तरीके से नाखुश हैं। मौजूदा कैबिनेट की अप्रूवल रेटिंग 36% है, जो कि शिंजो के 2012 में प्रधानमंत्री बनने के बाद से सबसे कम है। हालांकि, देश में महामारी दूसरे देशों की तुलना में काफी हद तक काबू में है। यहां अब तक 62 हजार से ज्यादा संक्रमित मिले हैं और 1200 मौतें हुई हैं, लेकिन लोग सरकार की ओर से दोबारा इस्तेमाल में लाए जाने वाले मास्क बांटने जैसी योजनाओं के पक्ष में नहीं हैं।

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