New Education Policy 2020: नई शिक्षा नीति के साथ आधुनिक भारत की शुरुआत, बदल जायेगा Education System

New Education Policy 2020: अरसो बाद भारत में एक साथ दो बड़े बदलाव और खुशिया आयी है। एक तरफ जहां राफेल के आने से पुरे देशभर में उत्साह का माहौल है वही दूसरी तरफ नरेंद्र मोदी सरकार ने नई शिक्षा नीति (New Education Policy 2020) को हरी झंडी दे दी है। आपको बता दे की 34 साल बाद शिक्षा नीति में बदलाव किया गया है। HRD मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि नई शिक्षा नीति (New Education Policy 2020) एक महत्वपूर्ण रास्ता प्रशस्‍त करेगी और नए भारत के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगी।

New Education Policy 2020: नई शिक्षा निति के साथ आधुनिक भारत की शुरुआत, बदल जायेगा Education System

(New Education Policy 2020) क्या क्या अहम बदलाव है इस नए शिक्षा निति में?


1. नई शिक्षा नीति (New Education Policy 2020) के अनुसार अब 5वीं तक के विद्यार्थी को सिर्फ मातृ भाषा, स्थानीय भाषा और राष्ट्र भाषा में ही पढ़ाया जाएगा। बाकी विषय चाहे वो अंग्रेजी ही क्यों न हो, एक विषय के तौर पर पढ़ाया जाएगा। अर्थात अनिवार्य नहीं होगा।


2. (New Education Policy 2020) अभी तक चली आ रही 10+2 का फॉर्मेट ख़त्म कर दिया गया है और अब 9वींं से 12वींं क्लास तक सेमेस्टर में परीक्षा होगी। स्कूली शिक्षा को 5+3+3+4 फॉर्मूले के तहत पढ़ाया जाएगा।


3. (New Education Policy 2020) कॉलेज की डिग्री 3 और 4 साल की होगी। यानि कि ग्रेजुएशन के पहले साल पर सर्टिफिकेट, दूसरे साल पर डिप्‍लोमा, तीसरे साल में डिग्री मिलेगी और चौथे साल में डिग्री के साथ साथ प्रोजेक्ट सर्टिफिकेट भी मिलेगा।


4. (New Education Policy 2020) 3 साल की डिग्री उन छात्रों के लिए है जिन्हें हायर एजुकेशन नहीं लेना है। वहीं हायर एजुकेशन करने वाले छात्रों को 4 साल की डिग्री करनी होगी और 4 साल की डिग्री करने वाले स्‍टूडेंट्स सिर्फ एक साल में ही MA कर सकेंगे।


5. (New Education Policy 2020) अब स्‍टूडेंट्स को M Phil नहीं करना होगा। बल्कि MA के छात्र अब सीधे PHD कर सकेंगे। अभी तक पीएचडी से पहले एमफिल करना अनिवार्य था। इस निर्णय से उन सभी छात्र छात्राओं को ख़ुशी होगी जिनको पीएचडी करने के लिए एक लम्बे समय का इंतजार करना पड़ता था।


6. (New Education Policy 2020) नई शिक्षा नीति के तहत कोई छात्र एक कोर्स के बीच में अगर कोई दूसरा कोर्स करना चाहे तो पहले कोर्स से सीमित समय के लिए ब्रेक लेकर वो दूसरा कोर्स कर सकता है।


7. (New Education Policy 2020) हायर एजुकेशन सेक्रटरी अमित खरे ने बताया, ' नए सुधारों में टेक्नॉलॉजी और ऑनलाइन एजुकेशन पर जोर दिया गया है। अभी हमारे यहां डीम्ड यूनविर्सिटी, सेंट्रल यूनिवर्सिटीज और स्टैंडअलोन इंस्टिट्यूशंस के लिए अलग-अलग नियम हैं। नई एजुकेशन पॉलिसी के तहत सभी के लिए नियम समान होंगे।


8. (New Education Policy 2020) हायर एजुकेशन में भी कई सुधार किए गए हैं। इन सुधारों में ग्रेडेड अकेडमिक, ऐडमिनिस्ट्रेटिव और फाइनेंशियल ऑटोनॉमी आदि शामिल हैं। इसके अलावा क्षेत्रीय भाषाओं में ई-कोर्स शुरू किए जाएंगे साथ ही वर्चुअल लैब्स भी विकसित किए जाएंगे। एक नैशनल एजुकेशनल साइंटफिक फोरम (NETF) शुरू किया जाएगा।


9. (New Education Policy 2020) गुणवत्ता सुधारने के लिए स्कूली शिक्षा की हर पांच साल में समीक्षा होगी।


10. (New Education Policy 2020) वर्ष 2022 के बाद पैराटीचर नहीं रखे जाएंगे। शिक्षकों की भर्ती सिर्फ नियमित होगी। रिटायरमेंट से पांच साल पहले शिक्षकों की नियुक्ति का काम केंद्र और राज्य शुरू कर देंगे।


11. (New Education Policy 2020) कृषि और स्वास्थ की पढ़ाई सामान्य विश्वविद्यालयों के साथ प्रोफेशनल संस्थान में छोटे कोर्स पर जोर होगा।


12. (New Education Policy 2020) इसके साथ ही मानव संसाधन विकास मंत्रालय का नाम बदलकर शिक्षा मंत्रालय कर दिया गया है।


इस शिक्षा नीति (New Education Policy 2020) के लिए कितने बड़े स्तर पर आम जनता से लेकर बड़े अधिकारी तक को शामिल की गई थी, इसका अंदाजा इन आंकड़ों से सहज ही लगाया जा सकता है। इसके लिए 2.5 लाख ग्राम पंचायतों, 6,600 ब्लॉक्स, 676 जिलों से सलाह ली गई थी।


हम यह उम्मीद करते है की भारत के इतने बड़े लोकतंत्र वाले देश में इस निति (New Education Policy 2020) को सही तरीके से लागु हो सके और साथ ही जवाबदेही भी तय करे ताकि फर्जी शिक्षक पोस्टिंग घोटाला, और टॉपर घोटाले जैसे काम पर रोक लगे।

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