Rajasthan Political Crisis: अशोक गहलोत सरकार ने विश्वासमत जीता, केंद्र को दिखाया अयना

Rajasthan Political Crisis: लम्बे समय से चलती आ रही राजस्थान की राजनितिक हलचल आख़िरकार आज खत्तम हो गयी। राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने विश्वास मत हासिल करके सभी अटकलों पर ताला लगा दिया है। सरकार ने ध्वनिमत से विश्वास प्रस्ताव जीता। विश्वास मत हासिल करने के दौरान हुई बहस में सीएम गहलोत ने केंद्र और भाजपा पर तीखा हमला बोला। आगे पढ़िए गहलोत ने क्या कुछ कहा।

Rajasthan Political Crisis: अशोक गहलोत सरकार ने विश्वासमत जीता, केंद्र को दिखाया अयना

Rajasthan Political Crisis: ये जो घमंड चल रहा है...


सीएम गहलोत ने तीखे हमले करते हुए कहा कि आप जिस पार्टी से उसने ऊंगली तक नहीं कटाई। क्या मुकाबले करेंगे आप कांग्रेस से। सरकारें आती हैं जाती हैं। इंदिरा गांधी भी चुनाव हार गई थीं, लेकिन फिर आंधी चली, ये जो घमंड चल रहा है, कब जनता फैसला उल्टा पड़ जाए, किसी को पता भी नहीं चलेगा।


गहलोत ने कहा कि ED, CBI और Income Tax जैसे विभाग का क्या देश में दुरुपयोग नहीं हो रहा है? जब आप फोन पर बात करते हैं तो क्या आप दूसरे व्यक्ति से नहीं कहते कि आपको वाट्सएप पर ज्वाइन करूंगा? क्या लोकतंत्र में ये अच्छी बात है? 


गहलोत ने प्रतिपक्ष नेता कटारिया को संबोधित करते हुए कहा कि राजस्थान में एक दौर था जब अशोक गहलोत और भैरोसिंह शेखावत के बीच सत्ता-विपक्ष रहने के बाद भी अच्छे संबंध रहे। वसुंधरा राजे और अशोक गहलोत भी 15 साल में इसी तरह मुख्यमंत्री बने, लेकिन आप लोगों ने ऐसी स्थिति बनाने की कोशिश की है कि जिससे हम लोगों के बीच बातचीत ही ना रहे। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों एक दूसरे के अनुभवों को सरकार चलाने में बांटते हैं, यह राजस्थान की परंपरा रही है, लेकिन अब कुछ लोग इस स्थिति को खत्म करना चाह रहे हैं।


Rajasthan Political Crisis: पायलट ने कहा- अटकलों को मिला विराम


राजस्थान विधानसभा सत्र के बाद सचिन पायलट ने कहा कि आज सदन के अंदर विश्वास मत को बहुमत से पारित किया गया जो अटकलें लगाई जा रही थीं उन्हें विराम मिला है। पायलट ने आगे कहा कि उन सभी मुद्दों के लिए एक रोडमैप तैयार किया गया है, जो उठाए जा रहे थे। मुझे पूरा विश्वास है, कि रोडमैप की समय पर घोषणा की जाएगी।


Rajasthan Political Crisis: अपने घर का झगड़ा दूसरों पर न मढ़ें : कटारिया


भाजपा ने कांग्रेस पर अपने घर का झगड़ा दूसरों के माथे मढ़ने का आरोप लगाया। विपक्ष के नेता गुलाब चंद कटारिया ने विधानसभा में कहा, घर के झगड़े को दूसरों के माथे मारने की कोशिश न करें। अगर मंत्री कहे कि उनकी बात नहीं सुनी जाती, उनकी बातों का सम्मान नहीं किया जाता है, तो इसमें हम क्या कर सकते हैं। क्या वह (सचिन पायलट) मेरी पार्टी से आदेश लेकर गए थे?


Rajasthan Political Crisis: जब तक मैं यहां हूं सरकार सुरक्षित है : पायलट


वहीं, सचिन पायलट ने कहा, 'आज मैं जब सदन में आया तो देखा कि मेरी सीट पीछे की ओर रखी गई है। मैं राजस्थान से आता हूं जो पाकिस्तान की सीमा पर है। बॉर्डर पर सबसे मजबूत सिपाही तैनात रहता है। मैं जब तक यहां बैठा हूं, सरकार सुरक्षित है।' दरअसल, बहस के बीच विपक्ष के उपनेता राजेंद्र राठौड़ बार-बार पायलट का नाम ले रहे थे। जिस पर पायलट ने बीच में खड़े होकर स्पीकर से यह बात कही।


उन्होंने कहा, समय के साथ सभी बातों का खुलासा हो जाएगा। जो कुछ कहना-सुनना था, वह हो गया। हमें जिस डॉक्टर को अपना मर्ज बताना था, बता दिया। सदन में आए हैं को कहने-सुनने की बातें छोड़नी होंगी। इस सरहद पर कितनी भी गोलीबारी हो, ढाल बन कर खड़ा रहूंगा।


Rajasthan Political Crisis: भाजपा ने की विधायकों की बाड़ाबंदी : धारीवाल


विधानसभा में धारीवाल ने भाजपा के नेताओं से कहा कि अमित शाह आपको माफ नहीं करेंगे। वह जवाब मांगेंगे। धारीवाल ने कहा कि जिस तरह से महाराणा प्रताप ने विरोधियों को हराया था, वैसे ही अशोक गहलोत ने हराया है।  राजस्थान में न किसी शाह की चली, न तानाशाह की चली। 


धारीवाल ने कहा, 'अमित शाह हिसाब मांग कर रहेगा। इसपर भाजपा के राजेंद्र राठौड़ ने आपत्ति जताते हुए कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री का नाम इस तरह नहीं लिया जा सकता। इस पर धारीवाल ने कहा कि बात स्पष्ट है, पैसा दिया था तो हिसाब तो मांगा ही जाएगा।' 


धारीवाल ने कहा कि भाजपा कहती है कि कांग्रेस ने विधायकों की बाड़ेबंदी की। अगर ये बाड़ेबंदी है तो आपने अपने विधायक क्या गुजरात रासलीला रचाने के लिए भेजे थे? धारीवाल ने कहा, महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए भाजपा ने आधी रात को राष्ट्रपति को जगा दिया था।


Rajasthan Political Crisis: कांग्रेस ने रखा विश्वास मत प्रस्ताव


विधानसभा सत्र में सबसे पहले चीन सीमा पर गलवां घाटी क्षेत्र में शहीद हुए 20 जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद कांग्रेस ने विश्वास मत का प्रस्ताव रखा। कांग्रेस के चीफ व्हिप महेश जोशी ने स्पीकर सीपी जोशी के सामने विश्वास मत के लिए नोटिस रखा था। स्पीकर ने इस नोटिस पर आज एक बजे फैसला लेने की बात कही। इसके बाद सदन की कार्रवाई एक बजे तक के लिए स्थगित कर दिया था। इसके बाद धारीवाल ने प्रस्ताव पेश किया।


Rajasthan Political Crisis: पायलट की सीट में हुआ बदलाव


सदन में बैठने की व्यवस्था में भी बदलाव हुआ है। उप मुख्यमंत्री के पद से हटाए जाने के बाद सचिन पायलट अशोक गहलोत के साथ वाली सीट के स्थान पर दूसरी पंक्ति में बैठे। पायलट को निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा के पास वाली सीट संख्या 127 अलॉट की गई है। गहलोत के पास की सीट पर शांति धारीवाल बैठे। इससे पहले पायलट और गहलोत विधानसभा में भी अलग-अलग आए थे।


Rajasthan Political Crisis: विधानसभा का गणित गहलोत के पक्ष में


बता दें कि पायलट की वापसी के साथ ही कांग्रेस की विधानसभा में संख्या 107 हो गई है। सभी 13 निर्दलीय विधायक भी कांग्रेस का समर्थन कर रहे हैं और छोटे दलों के समर्थन के साथ गहलोत के पास 125 विधायकों का संख्या बल है। 200 सदस्यीय राजस्थान विधानसभा में 101 बहुमत का आंकड़ा है। वहीं, भाजपा इस आंकड़े से बहुत दूर है, उसके पास महज 75 विधायक हैं। 

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