राजस्थान में राज्यसभा चुनाव पर सियासत गरमाई, कॉंग्रेस विधायको का अग्यातवास शुरू

राज्यसभा चुनाव की तीन सीटों पर चुनाव होने है उससे पहले ही बुधवार को राजस्थान में चुनावी घमासान शुरू हो गया। बीजेपी पर कांग्रेस विधायकों की खरीद फरोख्त का आरोप लगाते हुए प्रदेश कांग्रेस ने अपने विधायकों को अग्यातवास मे भेजना शुरू कर दी।

कॉंग्रेस विधायको का अग्यातवास शुरू

निर्दलीय विधायकों समेत 110 विधायकों को जयपुर के दिल्ली रोड स्थित एक रिसॉर्ट में बुलाया गया और उनकी बाड़ाबंदी की गई। इधर, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि पार्टी के विधायक एकजुट हैं और वे किसी तरह के लोभ व लालच में नहीं आएंगे। उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाया कि कुछ कांग्रेस विधायकों को 25 करोड़ रुपये तक की पेशकश की गई।


गहलोत को विधायकों पर भरोसा नहीं


बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि राजस्थान की कांग्रेस सरकार अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रही है। उन्होंने कहा, भले ही वह कांग्रेस भाजपा पर आरोप लगाये लेकिन उनका खुद का घर सुरक्षित नहीं है,उनको अपने विधायकों पर भरोसा नहीं है।

कांग्रेस के पास सम्पूर्ण बहुमत है

कांग्रेस के पास सम्पूर्ण बहुमत है

वहीं राज्यसभा चुनाव पर चर्चा के लिए जयपुर पहुंचे कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस के पास सम्पूर्ण बहुमत है और उसके विधायक किसी प्रलोभन में नहीं आएंगे। भाजपा द्वारा कुछ निर्दलीय विधायकों को कथित तौर पर प्रलोभन दिये जाने के सवाल पर सुरजेवाला ने कहा कि राजस्थान की वीर भूमि में भाजपा के षडयंत्रकारी मंसूबे कामयाब नहीं होंगे।


एंटी करप्शन ब्यूरो को लिखा पत्र


राजस्थान कांग्रेस को एंटी करप्शन ब्यूरो को पत्र लिखते हुए राज्य सरकार को अस्थिर करने के प्रयास का आरोप लगाया है। राजस्थान कांग्रेस के चीफ व्हीप और विधायक महेश शर्मा ने इस बारे में एंटी करप्शन ब्यूरो के डायरेक्टर जनरल को पत्र लिखते हुए कहा, “मुझे विश्वसनीय सूत्र से यह पता चला है कि सरकार को अस्थिर करने के मकसद से हमारे विधायकों और जो निर्दलीय सरकार का समर्थन कर रहे हैं, उन्हें लालच दिया जा रहा है।”


जोशी ने एसीबी के महानिदेशक को भेजी शिकायत में कहा है, "अति विश्वस्त सूत्रों से मेरी जानकारी में आया है कि कर्नाटक, मध्य प्रदेश व गुजरात की तर्ज पर राजस्थान में भी हमारे विधायकों व हमारा समर्थन कर रहे निर्दलीय विधायकों को भारी प्रलोभन देकर राज्य की लोकतांत्रिक तौर से चुनी हुई जनसेवा को समर्पित सरकार को अस्थिर करने का कुत्सित प्रयास किया जा रहा है।"


जोशी ने बिना किसी पार्टी और नेता का नाम लिए इस तरह के लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।


क्या है पूरा मामला


राजस्थान से राज्यसभा की तीन सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव 19 जून को होने हैं। इन चुनाव के लिए कांग्रेस ने के सी वेणुगोपाल ओर नीरज डांगी को अपना उम्मीदवार बनाया है जबकि भाजपा ने राजेन्द्र गहलोत को उम्मीदवार बनाया था हालांकि अंतिम क्षणों में भाजपा के ओंकार सिंह लखावत ने भी पर्चा दाखिल किया। राज्य की 200 सदस्यों वाली विधानसभा में कांग्रेस के 107 विधायक हैं। इनमें छह विधायक पिछले साल बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए। इसके अलावा 13 निर्दलीय विधायकों में से 12 कांग्रेस का समर्थन कर रहे हैं।

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