सचाई की जाँच पड़ताल: क्या N-95 मास्क पहनकर कार चलाने से बेहोश हो जाते हैं? जानिए दावे का सच

देश-दुनिया में हर रोज सोशल मीडिया पर सैकड़ो दावे किया जाता है जिसमे से कुछ सच तो कुछ गलत होती है या एक पब्लिसिटी स्टंट होता है। अब ऐसा ही एक और दावा कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियों बटोर रहा है। आज हम उसी दावे की जाँच पड़ताल आपके सामने इस रिपोर्ट में रखेंगे।

सचाई की जाँच पड़ताल: क्या N-95 मास्क पहनकर कार चलाने से बेहोश हो जाते हैं? जानिए दावे का सच

दावा है कि अगर कोई एन-95 मास्क लगाकर कार चलाने से लोग बेहोश हो जाते हैं और कार का एक्सीडेंट हो जाता है। किया जा रहा दावा आपको हैरान जरूर करेगा की जिस मास्क को कोरोना के खिलाफ इस्तमाल करने को बढ़ावा दिया जा रहा है, आखिर उसी मास्क लगाकर कार चलाने से बेहोशी का क्या रिश्ता है। जब इस दावे की पड़ताल हुई तो जानिए हमें क्या मिला?


दावे की जाँच पड़ताल के लिए जब हम विशेषज्ञों से मिले तो उनके अनुसार, 'मास्क पहनने से बेहोश होना कोई आम बात नहीं है। फिर भी हमें दो बातों का ध्यान करना चाहिए।


1. मास्क बहुत ज्यादा टाइट न हो

2. लंबे समय तक मास्क पहनना है तो मास्क को बीच में बदलें


ऐसे में अगर आपकी कार के शीशे बंद है। और एक विशेष परिस्थिति में जब गाड़ी के बहार का मौसम गाड़ी के अंदर के मौसम के अनुकूल नहीं होता तब कार के भीतर ऑक्सीजन की मात्रा घटती है। और तब अगर ऐसे में कार में बैठे लोगों ने मास्क पहन रखा है तो बेहोश होने की सम्भावना होती है और ड्राइवर के बेहोश होने पर दुर्घटना भी हो सकती है।


आगे उन्होंने बतया की वो व्यक्ति हैं जो सांस की बीमारी से पीड़ित हैं या फिर जिनकी त्वचा पहले से सेंसेटिव है। उन्हें मास्क पहनने से कुछ परेशानियों का भी सामना कर पड़ सकता है।


हमारी पड़ताल में विशेष परिस्थितियों में कार के भीतर मास्क पहनने से सांस रुकने का दावा सच साबित हुआ है।


Note: कुछ अंश के ABP news की ओर से शुक्रिया

4 views

Subscribe to Our Newsletter

  • White Facebook Icon

© All Rights reserved for Befikar Postman