Why PUBG Banned In INDIA? क्या आपको PUBG के बारे में सब कुछ पता है? जानिए इस रिपोर्ट में सब कुछ

Why PUBG Banned In INDIA? भारत के युवाओ को उस वक्त उतना दर्द नहीं हुआ होगा जब 1000-500 का नोट बंद हुआ था, जितना अब PUBG बंद होने के बाद हो रहा होगा। आपको याद होगा, पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब "परीक्षा पे चर्चा" कर रहे थे तो एक महिला ने अपने 9th में पढ़ने वाले बेटे की शिकायत की थी। उन्होंने कहा था कि मेरा बेटा पहले अच्छा पढ़ता था। लेकिन पिछले कुछ दिन से ऑनलाइन गेम्स पर ज्यादा वक्त देता है। इस पर मोदी ने तुरंत कहा था, "PUBG वाला है क्या?"

Why PUBG Banned In INDIA? क्या आपको PUBG के बारे में सब कुछ पता है? जानिए इस रिपोर्ट में सब कुछ

Why PUBG Banned In INDIA? यहीं, PUBG वालों को अब मोदी सरकार से नाराजी है। उनका लोकप्रिय गेम PUBG 118 प्रतिबंधित ऐप्स की सूची में आ गया है। इधर बैन की घोषणा हुई और उधर यह मैसेज वायरल हो गया कि PUBG में चीनी कंपनी टेनसेंट की हिस्सेदारी सिर्फ 10% है। PUBG वह 10% हिस्सेदारी बेच देगा और एक हफ्ते में लौट आएगा। ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि आप इस लोकप्रिय गेम PUBG के बारे में जाने, जिसने भारतीयों को इस कदर दीवाना बना रखा था।


Why PUBG Banned In INDIA? सबसे पहले, यह PUBG आखिर है क्या?

Why PUBG Banned In INDIA? सबसे पहले, यह PUBG आखिर है क्या?

PUBG असल में प्लेयर्स अननोन्स बैटलग्राउंड्स (Player Unknown's Battlegrounds) है। यह जापानी थ्रिलर फिल्म Battle Royal से प्रभावित है, जिसमें सरकार छात्रों के एक ग्रुप को खतरनाक मिशन पर भेज देती है।

PUBG में करीब 100 खिलाड़ी एक साथ किसी टापू पर पैराशूट से छलांग लगाते हैं। हथियार खोजते हैं। एक-दूसरे को मारते रहते हैं और जो जीत जाता है, उसे कथित तौर पर "चिकन डिनर" मिलता है।


इस वीडियो गेम को दक्षिण कोरियाई कंपनी ब्लूहोल के लिए ब्रेंडन ग्रीन ने 2017 में बनाया था। जब यह गेम चीन पहुंचा तो ब्लूहोल ने टेनसेंट को पार्टनर बनाया। उसने ही 2018 में पबजी का मोबाइल वर्जन बनाया है।


चीनी मार्केट में यह गेम इंस्टेंट हिट रहा। लेकिन, चीन सरकार से शुरुआत में मंजूरी नहीं मिलने से पैसा नहीं बना सका। दूसरी ओर, चीन सरकार ने कहा कि इस गेम की लत युवा पीढ़ी के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। पिछले साल नए नाम से लॉन्च हुआ।


पबजी के दुनियाभर में 50 करोड़ डाउनलोड्स हुए हैं। 5 करोड़ डेली एक्टिव यूजर हैं, जो रोज ही यह गेम खेलते हैं। माइनक्राफ्ट, फोर्टनाइट, काउंटर-स्ट्राइक, वर्ल्ड ऑफ वारक्राफ्ट और क्लैश ऑफ क्लैन्स है भी लोकप्रिय गेम्स हैं, लेकिन पबजी जैसा कोई और नहीं है।


Why India is Important for PUBG: भारत क्यों खास है PUBG के लिए?


भारत में गूगल का प्ले स्टोर हो या एपल ऐप स्टोर, PUBG हमेशा से मोस्ट डाउनलोडेड गेम्स की लिस्ट में टॉप करता आया है। एक तरह से यह इस लिस्ट का स्थायी फीचर ही है।


ऑनलाइन एनालिटिक्स फर्म सेंसर टॉवर के अनुसार दुनियाभर में PUBG खेलने वालों में सबसे ज्यादा 25% भारतीय है। आंकड़ों में 17.5 करोड़ डाउनलोड्स हुए हैं। चीन में PUBG के कुल 17% यूजर है, वहीं अमेरिका में 6% प्लेयर।


क्वार्ट्ज ने 2018 में एक हजार PUBG प्लेयर्स पर स्टडी की। पाया कि उसमें 62% प्लेयर तो भारतीय हैं। भारत में लॉकडाउन के दौरान PUBG को सबसे ज्यादा खेला गया। मई में 22 लाख लोगों ने इसे खेला।


2019 में ईस्पोर्ट्स के मामले में भारत 17वें नंबर पर था। गेमिंग फर्म्स के अंदाज के मुताबिक भारत में गेमिंग प्रोफेशनल्स तेजी से बढ़ रहे हैं। एक-दो साल में ही यह एक बिलियन डॉलर की इंडस्ट्री हो जाएगी।


PUBG Revenue in INDIA: भारत से कैसे और कितना कमाता है PUBG?


PUBG की कमाई को समझना है तो उसे दो हिस्सों में बांटना होगा। PUBG मोबाइल से होने वाली कमाई का बड़ा हिस्सा टेनसेंट (चीन) को जाता है, लेकिन यदि आप कंप्यूटर पर खेल रहे हैं तो कोरियाई कंपनी को वह मिलता है।


PUBG मोबाइल की कमाई का जरिया इन-गेम आइटम्स जैसे स्किन, आउटफिट आदि हैं। उन्हें प्लेयर इन-गेम करेंसी (यूसी) का इस्तेमाल कर खरीद सकते हैं। इन-गेम पर्चेज से ही पबजी को कमाई होती है।


PUBG कॉर्प 800 से 3000 रुपए के सीजन पास बेचती है। इससे खिलाड़ियों को अपने रैंक बढ़ाने में मदद मिलती है। साथ ही वे अपने पर्सनलाइज्ड कैरेक्टर की रैंक अपग्रेड करते हैं।


अलग-अलग रिपोर्ट्स देखें तो भारत से अकेले 7 मिलियन डॉलर यानी करीब 52 करोड़ रुपए हर महीने कमाता है PUBG मोबाइल। हालांकि, PUBG मोबाइल ने पूरी दुनिया से 2019 में 9,541 करोड़ रुपए कमाए।


PUBG मोबाइल मार्च 2018 में लॉन्च हुआ और तब से अब तक यह 3 बिलियन डॉलर (22 हजार करोड़ रुपए) का रेवेन्यू जनरेट कर चुका है। सेंसर टावर के अनुमान के मुताबिक PUBG मोबाइल का रेवेन्यू दूसरे पापुलर टाइटल गारेना फ्री फायर से चार गुना ज्यादा है।


PUBG मोबाइल की कमाई का 72% हिस्सा ऐपल के ऐप स्टोर से आया जबकि गूगल प्ले स्टोर से सिर्फ 28% हिस्सा उसे मिला। यदि हम डाउनलोड्स की बात करें प्ले स्टोर ने जरूर इसमें बाजी मारी है। इसमें बड़ी हिस्सेदारी भारत में एंड्रॉइड फोन पर पबजी डाउनलोड्स की है।


ईस्पोर्ट्स से PUBG की डायरेक्ट कमाई नहीं है। लेकिन, PUBG खुद ईस्पोर्ट्स कम्पीटिशन में मदद करता है। टेनसेंट ने भारत में ही 50 से 75 करोड़ रुपए ईस्पोर्ट्स ऑर्गेनाइज करने के लिए खर्च किए। यह राशि भी लॉकडाउन के दौरान 100 करोड़ रुपए तक पहुंच गई थी।


चैम्पियनशिप्स में खिलाड़ी अपनी टीम बनाते हैं और आपस में कम्पीट करते हैं। मार्केटिंग और सर्वर की लागत तो बहुत कम है। टेनसेंट को पिछले साल नवंबर तक भारत से लाभ नहीं हुआ था। रेवेन्यू के मामले में भारत PUBG के 11वें नंबर का देश है।


सेलिब्रिटी प्लेयर्स एक्शन को लाइवस्ट्रीम करते हैं। फैन्स उन्हें यूट्यूब के सुपर चैट फीचर के जरिये पेमेंट करते हैं। इसके तहत उनके चैट मैसेज हाइलाइट होते हैं। PUBG पब्लिशर टेनसेंट के साथ टाई-अप के साथ यूट्यूब अब अमेजन के ट्विच का मुकाबला कर रहा है।


कैजुअल गेमर्स आम तौर पर ग्रुप्स, वॉट्सऐप, टेलीग्राम, डिस्कॉर्ड जैसे ऐप्स पर आपस में जुड़ते हैं और शर्त लगाकर कम्पीट करते हैं। इस वजह से इसके रेवेन्यू का अंदाज लगाना मुश्किल है।


PUBG के विकल्प क्या बन सकते हैं?


वैसे, गेमर्स अभी पबजी के सदमे में हैं। अभी मोबाइल में गेम ब्लॉक नहीं हुआ है। इस वजह से जिनके मोबाइल में यह है, वह इसे खेले जा रहे हैं। भारत में पबजी ने लाइव गेम स्ट्रीमिंग इंडस्ट्री को ताकत दी है।

पबजी मोबाइल के लोकप्रिय विकल्पों में क्रिएटिव डिस्ट्रक्शन, साइबर हंटर और रूल्स ऑफ सरवाइल भी बैन हो गए हैं। लेकिन गारेना फ्री फायर, कॉल ऑफ ड्यूटी के साथ-साथ अन्य गेमिंग ऐप्स डाउनलोड कर सकते हैं।

कॉल ऑफ ड्यूटी वैसे तो अमेरिकी वीडियो गेम पब्लिशर एक्टविजन की प्रॉपर्टी है। लेकिन इसका मोबाइल वर्जन टेनसेंट की ही सब्सिडियरी टिमी स्पोर्ट्स ने किया है। लिहाजा, इस पर भी टिके रहना मुश्किल है।

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